हम वो बादशाह नहीं जो ताज के मोह में जीते हैं,
हम वो हैं जो सामने वाले की अकड़ निकाल दें,
तेरे इशारों में छुपा है कुछ ऐसा तिलिस्म,
लेकिन जरूरत पड़ी तो खौफनाक भी बन जाएंगे
जब आपको अपने स्टेटस में शरारत और बदमाशी दिखानी हो, तो ये शायरी सबसे बढ़िया है। इसमें आपके एटीट्यूड और दिलचस्प अंदाज का खूबसूरत मिलाजुला देखने को मिलता है।
یہ تنہائی شاعری اُن لمحوں کی آواز ہے جب انسان خود سے باتیں کرنے لگتا ہے۔
बदमाशी छोड़ दी हमने दुश्मन जानते हैं अभी भी खौफ देख हमें बाप मानते हैं !!
वरना जिगरा तो हम तुझे तेरे घर से उठने का रखते है…!
चाहे बात हो दोस्तों में अपनी बादशाही दिखाने की या दुश्मनों को उनके अंदाज़ में जवाब देने की, ये बदमाशी शायरि आपके लहजे में वो जोश भर देगी जो सबको आपकी तरफ देखने पर मजबूर कर दे। तो तैयार हो जाइए अपनी शख्सियत को एक अलग अंदाज़ में पेश करने के लिए, क्योंकि यहाँ हर लाइन में है नवाबी अंदाज़ और दबंग लहजा!
ਹਮੇਸ਼ਾ ਅਸੀਂ ਸਿੱਧੇ ਸੜਕਾਂ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ।
जो जहाज पर बैठ के लिए website थूक भी खुद ही लगाते थे।.
सामने सालो का मुंह नही खुलता बस इतना ही काफी है…!
यहाँ आपको ऐसी शायरी मिलेगी जो सिर्फ तुकबंदी नहीं, बल्कि आपके एटीट्यूड, हिम्मत और खास पहचान को दिखाने वाली सशक्त पंक्तियाँ हैं।
Use this Badmashi Shayari to precise your character, make bold statements, and depart a lasting effect wherever phrases make any difference more than sounds.